✊ शिक्षकों के सम्मान में, यूटा मैदान मेंl ✊
आज उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता थोपना उनके स्वाभिमान और संघर्षपूर्ण सेवाकाल का अपमान है।
यूटा (UTA) बरेली का स्पष्ट विरोधl
अनुभव ही सबसे बड़ी परीक्षा: जिन शिक्षकों ने 10-15 वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में बेसिक शिक्षा की नींव मजबूत की, आज उनकी योग्यता को एक ‘पात्रता परीक्षा’ की कसौटी पर कसना न्यायसंगत नहीं है।
नियमों का उल्लंघन: नियुक्ति के समय जो अर्हता तय थी, सेवा के बीच में नए नियम लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
वरिष्ठता का सम्मान: अनुभवी शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के बजाय, विभाग को उनकी सेवा निरंतरता और पदोन्नति पर ध्यान देना चाहिए।
बेसिक शिक्षा की रीढ़: हम वो शिक्षक हैं जिन्होंने शून्य से शिखर तक छात्रों को पहुँचाया है। हमें परीक्षा के भय में डालकर शिक्षा की गुणवत्ता नहीं सुधारी जा सकती।
”शिक्षक को कलम पकड़ानी चाहिए, तनाव नहीं!”
हमारी मांग: 📢
शासन और प्रशासन से यूटा बरेली पुरजोर मांग करता है कि पुराने शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से तत्काल मुक्त किया जाए और उनके भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जाए।
एकजुट रहें, सुरक्षित रहें!
विनोद कुमार सिंह
ब्लॉक अध्यक्ष यूटा, बरेलीl
